कैंची धाम · 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित

कैंची धाम पार्किंग और वीकेंड पर गाड़ियों की पाबंदी

कामकाजी दिन में आप मंदिर तक गाड़ी ले जा सकते हैं। शनिवार या रविवार को 9 से 16 किमी पहले पार्क करके शटल लेनी होती है। पार्किंग कहाँ है, क्या प्रकाशित है और क्या नहीं।

छोटा जवाब: आम कामकाजी दिन में आप कैंची धाम तक गाड़ी ले जाकर मंदिर के पास पार्क कर सकते हैं, जहाँ नई बहुमंज़िला पार्किंग का बेसमेंट चालू है। शनिवार और रविवार को बात अलग है। नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के आदेश के तहत, जिसकी ख़बर अमर उजाला ने 9 मई 2026 को दी और जो तब से हर वीकेंड दोबारा जारी हो रहा है, कैंची क्षेत्र में टैक्सी और दोपहिया वाहनों पर रोक है। भीमताल होकर आने वाली निजी कारें भीमताल के विकास भवन में और नैनीताल व गेठिया होकर आने वाली भवाली सेनेटोरियम की पार्किंग में खड़ी होती हैं, और आगे सब शटल से जाते हैं। न पार्किंग शुल्क प्रकाशित है न वीकेंड शटल का किराया, और समय एक प्लान से दूसरे प्लान में बदला है।

नदी किनारे कैंची धाम मंदिर परिसर, चीड़ से ढकी पहाड़ी के नीचे मंदिरों के लाल और केसरिया शिखर
कैंची धाम एक संकरी घाटी में है जिससे होकर एक ही सड़क जाती है, इसीलिए यहाँ पार्किंग सीमित रखी जाती है। अगस्त 2016 की तस्वीर। फ़ोटो © Lalit.bhandari86, CC BY-SA 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स से।

इस सीज़न में क्या लागू है।

कैंची के पार्किंग नियम पुलिस के आदेश हैं, जो एक वीकेंड या लंबे वीकेंड के लिए जारी होते हैं। यह कोई स्थायी अधिसूचना नहीं है, इसलिए पेज का यही हिस्सा सबसे पहले पुराना पड़ता है।

9 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया

  • वीकेंड प्लान आख़िरी बार 2 से 4 अक्टूबर 2026 के लंबे वीकेंड में लागू हुआ: कारें भीमताल विकास भवन और भवाली सेनेटोरियम, मंदिर तक शटल, टैक्सी और दोपहिया टैक्सी बाहर (अमर उजाला, 1 अक्टूबर 2026)।
  • समय आदेश के हिसाब से बदलता है: मई के प्लान में सुबह 9 से रात 10 बजे, 19 और 20 सितंबर के लिए सुबह 6 से रात 8 बजे (ईटीवी भारत, 18 सितंबर 2026)।
  • 3 अक्टूबर से शनिवार और रविवार को हल्द्वानी और काठगोदाम से नैनीताल, भवाली और भीमताल की ओर चढ़ने वाला ट्रैफ़िक शाम 4 से रात 10 बजे तक रोका भी जा रहा है (आज तक, 3 अक्टूबर 2026)।
  • मंदिर पर नई पार्किंग का बेसमेंट चालू है और पहली मंज़िल अभी बन रही है (अमर उजाला, 3 अक्टूबर 2026)।
  • 6 अक्टूबर 2026 को कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर पर 15 दिन में अलग प्रवेश और निकास, हर वीकेंड एसडीएम, सीओ और आरटीओ स्टाफ़ की मैदान में ड्यूटी और हर वीकेंड से पहले समीक्षा, मुख्य तिराहों पर आरटीओ टीमें और बिना लाइसेंस की बाइक टैक्सी पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए (अमर उजाला, 6 अक्टूबर 2026)।
  • उसी बैठक में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन पर सैद्धांतिक सहमति बनी और रोज़ करीब 20,000 से 25,000 लोगों की सीमा पर चर्चा हुई। इसके लिए राज्य सरकार की मंज़ूरी चाहिए और यह लागू नहीं है। भीड़ बढ़ने पर भवाली और आसपास से अतिरिक्त शटल चलेंगी (आज तक, 7 अक्टूबर 2026)।

2026 में बदला नियम।

कैंची धाम शिप्रा नदी की संकरी घाटी में, भवाली से अल्मोड़ा जाने वाली अकेली सड़क पर है। न दूसरी सड़क है न ज़्यादा समतल ज़मीन। अमर उजाला (3 अक्टूबर 2026) के मुताबिक़ रोज़ 20,000 से 22,000 श्रद्धालु आते थे, जो अब क़रीब 27,000 हो गए हैं, और वीकेंड पर 40,000 से ज़्यादा। ऐसे में पुलिस सबसे पहले पार्किंग को ही सँभालती है। 2 से 4 अक्टूबर का लंबा वीकेंड इससे भी आगे गया: अमर उजाला के मुताबिक़ करीब 40,000, और आज तक के मुताबिक़ एक दिन में 50,000 से ज़्यादा। नीम करौली बाबा ने 1962 में यह जगह उस जंगल की वजह से चुनी जहाँ एक पुराने संत ने ध्यान किया था, पहुँच की सुविधा के लिए नहीं; नीम करौली बाबा की कहानी बताती है कैसे।

पार्क करके शटल से जाने का विचार इस साल से पुराना है। ईटीवी भारत के अनुसार 26 मार्च 2025 को कुमाऊँ की आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने उन श्रद्धालुओं के लिए शटल शुरू की जो भीमताल के इंडस्ट्रियल एरिया या भवाली के पास बाईपास पर, मंदिर से क़रीब 15 किमी पहले, गाड़ी खड़ी करते थे। वह व्यवस्था आम दिनों में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे और वीकेंड व त्योहारों पर सुबह 7 से रात 8 बजे तक चलती थी।

2026 वाली व्यवस्था सिर्फ़ वीकेंड की है और ज़्यादा सख़्त है। अमर उजाला ने 15 मार्च 2026 को एसएसपी के शनिवार-रविवार प्लान की ख़बर दी, जिसमें वही दो पार्किंग थीं जो आज भी इस्तेमाल होती हैं। 9 मई 2026 को इसी अख़बार ने वह आदेश छापा जिससे आज ज़्यादातर लोग टकराते हैं: शनिवार और रविवार को कैंची धाम में टैक्सी और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, सुबह 9 से रात 10 बजे तक डायवर्ज़न, और भारी वाहन सुबह 6 से रात 11 बजे तक सड़क से बाहर। निजी कारों पर रोक नहीं है। उन्हें पार्किंग में भेजा जाता है।

यह आदेश गर्मियों और शरद में बार-बार जारी हुआ है और हर बार शब्द थोड़े बदलते हैं। 2 से 4 अक्टूबर के प्लान में टैक्सी और दोपहिया टैक्सी के “अनावश्यक प्रवेश” को रोकने की बात थी। असल में कौन आगे जाएगा, यह चौराहों पर खड़ी पुलिस तय करती है, इसलिए सख़्त मतलब मानकर ही योजना बनाइए।

भीमताल होकर आ रहे हैं तो पार्किंग।

अगर आपका रास्ता भीमताल से होकर कैंची जाता है, तो वीकेंड आदेश आपको भीमताल के विकास भवन की पार्किंग में भेजते हैं, और वहाँ से शटल भवाली होते हुए मंदिर तक ले जाती है। भीमताल सड़क से कैंची से क़रीब 16 किमी दूर है, इसीलिए कैंची धाम के लिए कहाँ रुकें में हम इसे ठिकाने के रूप में सुझाते हैं: वीकेंड पर गाड़ी आपको वहीं खड़ी करनी होगी।

न पुलिस ने और न ज़िला प्रशासन ने इस पार्किंग की क्षमता या शुल्क प्रकाशित किया है। 3 अक्टूबर 2026 को ज़िलाधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि भीमताल में और पार्किंग स्थल अभी चिह्नित किए जा रहे हैं, यानी सबसे भीड़ वाले दिनों में मौजूदा पार्किंग भर जाती है।

नैनीताल और गेठिया होकर आ रहे हैं तो पार्किंग।

अगर आप नैनीताल से गेठिया होते हुए भवाली उतर रहे हैं, तो आदेश आपको भवाली सेनेटोरियम की पार्किंग में भेजते हैं। 2025 की व्यवस्था में इसे सेनेटोरियम के पास कैंची बाईपास का हिस्सा बताया गया था। ज़िला प्रशासन के अनुसार भवाली मंदिर से 9 किमी है। आज तक की 3 अक्टूबर 2026 की ख़बर में कुल तीन शटल पॉइंट बताए गए: भीमताल विकास भवन, भवाली चौक और सेनेटोरियम।

आदेश पार्किंग को आने की दिशा के हिसाब से बताते हैं और हल्द्वानी से ज्योलीकोट होकर सीधे भवाली पहुँचने वाली मुख्य सड़क के बारे में अलग से कुछ नहीं कहते। प्लान वाले वीकेंड पर चौराहों पर पुलिस आपको रास्ता बताएगी; दोनों पार्किंग मंदिर से हल्द्वानी की तरफ़ हैं, इसलिए आख़िरी हिस्सा हर हाल में शटल से ही होगा।

भवाली चौराहे पर कतार में कारें और एक साझा जीप, बाईं ओर ट्रैफ़िक पुलिस का बूथ और पीछे दुकानें
सितंबर 2018 की एक भीगी दोपहर में भवाली चौराहा। प्लान वाले वीकेंड पर कैंची की शटल भवाली चौक और सेनेटोरियम से ही चलती है। फ़ोटो © ArmouredCyborg, CC BY-SA 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स से।

वीकेंड शटल।

2026 के हर आदेश में आख़िरी हिस्से के बारे में एक ही बात लिखी है: श्रद्धालु “शटल या सार्वजनिक परिवहन” से आगे जाएँगे। आम वीकेंड के लिए किसी में भी किराया, समय सारिणी या बसों की संख्या नहीं दी गई। हमने मार्च, मई, सितंबर और अक्टूबर के आदेश देखे।

इसलिए शटल को एक साझा सवारी मानिए जिसका किराया पार्किंग पर नकद देना है, और भीड़ के घंटों में इंतज़ार की उम्मीद रखिए। शटल का अकेला दर्ज समय 2025 का है, वीकेंड पर सुबह 7 से रात 8 बजे। जो तय किराए आपने देखे होंगे, हल्द्वानी या काठगोदाम से 150 रुपये, भीमताल या नैनीताल से 100 रुपये और भवाली या खैरना से 50 रुपये, वे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने सिर्फ़ 15 जून के स्थापना दिवस के लिए तय किए थे।

अगर आप गाड़ी चलाना ही नहीं चाहते, तो हल्द्वानी से कैंची पर रुकने वाली केमू की बसें इसी समस्या का अलग हल हैं। किराया, सुबह की समय सारिणी और मुश्किल वापसी हमारी कैंची धाम बस गाइड में है।

कामकाजी दिन में मंदिर पर पार्किंग।

सोमवार से शुक्रवार कोई डायवर्ज़न नहीं होता और आप मंदिर तक गाड़ी ले जा सकते हैं। वहाँ की पार्किंग बदल रही है। मंदिर परिसर के पास बहुमंज़िला पार्किंग बन रही है। 9 जून 2026 को निरीक्षण करने आए अधिकारियों ने बताया कि दो मंज़िला ढाँचा पूरा हो चुका है, पार्किंग 330 गाड़ियों की होगी और 180 गाड़ियों की जगह इस्तेमाल के लिए तैयार है (उत्तराखंड मॉर्निंग पोस्ट)। 12 सितंबर 2026 को राज्य सरकार की पार्किंग योजनाओं पर एक रिपोर्ट में इसे 500 से ज़्यादा गाड़ियों की, यानी 300 से ज़्यादा कारों और 200 से ज़्यादा दोपहिया की बहुमंज़िला पार्किंग बताया गया (एशियानेट न्यूज़ हिंदी)। 3 अक्टूबर 2026 को अमर उजाला ने बताया कि बेसमेंट चालू है और पहली मंज़िल पर काम चल रहा है।

आँकड़े अलग इसलिए हैं क्योंकि परियोजना बड़ी हुई है और अभी पूरी नहीं हुई; बेसमेंट और कतार मानकर चलिए। घाटी में जाम गेट के पास सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से लगता है। जून 2026 में अव्यवस्थित पार्किंग को 2 किमी लंबे जाम की वजह बताया गया, और सितंबर के वीकेंड आदेश ने इस पर पूरी रोक लगा दी। कामकाजी दिन में सुबह 8 बजे से पहले पहुँचिए, जो कैंची धाम दर्शन समय के हिसाब से भी ठीक है।

मुख्य सड़क की नीची दीवार से दिखते कैंची धाम के मंदिर और आश्रम की सफ़ेद इमारतें, सड़क किनारे चलते लोग
मई 2025 की एक शनिवार दोपहर सड़क से मंदिर, वीकेंड नियम से एक साल पहले। इसी सड़क की जगह अब पुलिस खाली रखती है। फ़ोटो: Pushkar2016, CC0, विकिमीडिया कॉमन्स से।

कितना ख़र्च होता है।

जितना आप सोचेंगे, उससे कम जानकारी प्रकाशित है।

वीकेंड पर दोपहिया और टैक्सी।

वीकेंड आदेश का सबसे सीधा निशाना दोपहिया वाहन हैं। मई से शनिवार और रविवार को कैंची क्षेत्र में इन पर रोक है। जो आदेश हमने पढ़े, उनमें यह नहीं लिखा कि बाइक सवार अपनी बाइक कहाँ खड़ी करें, इसलिए ईमानदार सलाह यही है कि वीकेंड पर बाइक से ऊपर जाइए ही नहीं। न्यूज़24 के अनुसार 2 से 4 अक्टूबर के लंबे वीकेंड में पुलिस ने किराये की बाइकें भी रोकीं, और 6 अक्टूबर की मंडलायुक्त की बैठक में पुलिस को अवैध बाइक टैक्सी पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

टैक्सियाँ भी वीकेंड पर मंदिर क्षेत्र से बाहर रखी जाती हैं। काठगोदाम या हल्द्वानी की टैक्सी आपको पार्किंग तक छोड़ेगी और आगे शटल से जाना होगा। अगर आपने पूरे दिन की गाड़ी ली है तो यह मायने रखता है: ड्राइवर से तय कर लीजिए कि गाड़ी कहाँ रुकेगी। उसी लंबे वीकेंड में रानीबाग और कालाढूंगी पर पुलिस को निर्देश थे कि सिर्फ़ उन्हीं गाड़ियों को आगे जाने दें जिनमें बैठे लोगों की पहाड़ में होटल की पक्की बुकिंग हो (न्यूज़24, 3 अक्टूबर 2026)। यह लंबे वीकेंड का कदम था, पर इससे पता चलता है कि सबसे भीड़ वाले दिनों में पुलिस कितनी दूर तक जाती है।

सोमवार से शुक्रवार इनमें से कुछ लागू नहीं होता; तब टैक्सी और दोपहिया पहले की तरह मंदिर तक जा सकते हैं।

15 जून की व्यवस्था फिर अलग है।

मंदिर का स्थापना दिवस एक अलग ही इंतज़ाम है। 2026 में पुलिस का आदेश 13 से 16 जून तक चला, भवाली से मंदिर की सड़क निजी गाड़ियों के लिए बंद रही, पार्किंग आने की दिशा के हिसाब से तय थी, जिसमें भीमताल, विकास भवन, और नैनीताल के मेट्रोपोल व डीएसए फ़्लैट्स शामिल थे, और शटल ऊपर बताए तय किराए पर चली। अगर आपकी तारीख़ें जून के बीच के आसपास हैं तो हमारी स्थापना दिवस ट्रैफ़िक प्लान और शटल गाइड पढ़िए।

आगे क्या बदल रहा है।

एक चीज़ जो जल्दी नहीं आ रही: कैंची तक रोपवे। 3 अक्टूबर को जिस सर्वे के पूरा होने की ख़बर आई, वह रानीबाग से हनुमानगढ़ी रोपवे का है, और वह भी अभी सिर्फ़ प्रस्ताव है।

दिन की योजना कैसे बनाएँ।

त्वरित जवाब

कैंची धाम की पार्किंग पर लोग जो पूछते हैं।

वीकेंड पर कैंची धाम के लिए गाड़ी कहाँ पार्क करें?

शनिवार और रविवार को नैनीताल पुलिस निजी कारों को दो पार्किंग स्थलों पर भेजती है और दोनों से शटल चलती है। भीमताल होकर आ रहे हैं तो भीमताल के विकास भवन में पार्क कीजिए। नैनीताल और गेठिया होकर आ रहे हैं तो भवाली सेनेटोरियम की पार्किंग में। इन दिनों टैक्सी और दोपहिया मंदिर क्षेत्र में नहीं जा सकते। हर वीकेंड प्लान का समय बदलता है, इसलिए निकलने से पहले ताज़ा आदेश देख लीजिए।

क्या कैंची धाम मंदिर पर पार्किंग है?

हाँ, आम कामकाजी दिनों में। मंदिर के पास बहुमंज़िला पार्किंग बन रही है: 9 जून 2026 को अधिकारियों ने बताया कि 180 गाड़ियों की जगह तैयार है, और 3 अक्टूबर 2026 को अमर उजाला ने बताया कि बेसमेंट चालू है और पहली मंज़िल पर काम चल रहा है। गेट के पास सड़क किनारे खड़ी गाड़ियाँ सबसे बड़ा जाम लगाती हैं और वीकेंड प्लान के दिनों में यह मना है। सुबह 8 बजे से पहले पहुँचिए।

कैंची धाम में पार्किंग का कितना शुल्क है?

हमें कोई प्रकाशित दर नहीं मिली। ज़िला प्रशासन, पुलिस या मंदिर ट्रस्ट की किसी सूचना में पार्किंग शुल्क नहीं दिया गया है, और ऑनलाइन यात्री 50 से 200 रुपये तक की बिना तारीख़ वाली रकम बताते हैं। छोटे नोट नकद रखिए। वीकेंड शटल का किराया भी प्रकाशित नहीं है; 150, 100 और 50 रुपये के तय किराए सिर्फ़ 15 जून के स्थापना दिवस के लिए थे।

क्या वीकेंड पर कैंची धाम में दोपहिया वाहन जा सकते हैं?

नहीं। अमर उजाला ने 9 मई 2026 को जिस आदेश की ख़बर दी, उसके बाद से शनिवार और रविवार को टैक्सी और दोपहिया वाहन कैंची क्षेत्र में प्रतिबंधित हैं। 2 से 4 अक्टूबर 2026 के लंबे वीकेंड में पुलिस ने किराये की बाइकें भी रोकीं। कामकाजी दिनों में दोपहिया मंदिर तक जा सकते हैं, और नई पार्किंग में दोपहिया की जगह भी रखी गई है।

क्या शनिवार को काठगोदाम की टैक्सी कैंची धाम तक ले जाएगी?

सिर्फ़ पार्किंग तक। शनिवार और रविवार को टैक्सियाँ मंदिर क्षेत्र से बाहर रखी जाती हैं, इसलिए काठगोदाम या हल्द्वानी की टैक्सी आपको भीमताल या भवाली की पार्किंग पर उतारेगी और आगे शटल से जाना होगा। कामकाजी दिनों में टैक्सी मंदिर तक जा सकती है। वीकेंड के लिए वापसी की टैक्सी बुक कर रहे हैं तो निकलने से पहले तय कर लीजिए कि गाड़ी कहाँ रुकेगी।

आगे पढ़ें

कैंची धाम की यात्रा की योजना पर और।

लेखक के बारे में
नंदिनी उप्रेती, योगदानकर्ता, अल्मोड़ा

नंदिनी उप्रेती

योगदानकर्ता · अल्मोड़ा · यात्रा और रोमांच में रुचि

नंदिनी उप्रेती अल्मोड़ा में रहती हैं। वे कुमाऊँ के रास्तों और एक दिन की यात्राओं पर लिखती हैं, जिनमें दूरियाँ, आने-जाने के साधन और रास्ते में रुकने लायक जगहें शामिल हैं।

इस लेख के लिए उन्होंने मार्च से अक्टूबर 2026 तक नैनीताल पुलिस के वीकेंड आदेश हिंदी अख़बारों की ख़बरों से पढ़े, उन्हें 2025 की शटल व्यवस्था से मिलाया, और मंदिर की नई पार्किंग को जून के निरीक्षण से अक्टूबर तक देखा।

निवास अल्मोड़ा, उत्तराखंडलेखन विषय कुमाऊँ के रास्ते और एक दिन की यात्राएँरुचियाँ यात्रा, ट्रेकिंग, पहाड़ी रास्ते

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