कॉर्बेट जाने से पहले हल्द्वानी में क्यों रुकें?
पहली बार कॉर्बेट जाने वाले ज़्यादातर लोग दिल्ली पहुँचकर सुबह 6 बजे काठगोदाम शताब्दी (12040) पकड़ते हैं और दोपहर करीब 12 बजे काठगोदाम जंक्शन उतरते हैं। यहाँ से आपके पास दो रास्ते हैं। या तो 88 किमी सीधे रामनगर जाकर उसी दोपहर किसी कॉर्बेट रिसॉर्ट में चेक-इन कर लें, या एक रात हल्द्वानी में रुककर अगली सुबह सूरज निकलते ही वहाँ के लिए निकलें।
हल्द्वानी में रात बिताने के तीन फ़ायदे हैं। पहला है कीमत: हल्द्वानी के मध्यम बजट होटल ₹2,500–₹4,500 में मिल जाते हैं, जबकि 2026 में रामनगर के सफारी रिसॉर्ट (Aahana, Taj Corbett, Tigris) ₹8,000–₹22,000 तक लेते हैं। दूसरा है लचीलापन: सुबह की सफारी का परमिट न मिले, और corbettonline पर अक्सर सब बिक जाता है, तब भी आपके पास हल्द्वानी, भीमताल और नैनीताल घूमने का विकल्प बचा रहता है। तीसरा है आने-जाने की सुविधा: हल्द्वानी से कैब रामनगर के रिसॉर्ट्स के मुकाबले सस्ती पड़ती है, और हल्द्वानी में ठहरने पर काठगोदाम से पिकअप भी शामिल रहता है।
फिर भी सीधे रामनगर में रुकने के पक्ष में एक दलील है। अगर आपने ऐसा सफारी रिसॉर्ट पहले ही बुक कर लिया है जिसके पैकेज में परमिट शामिल है (ज़्यादातर प्रीमियम रिसॉर्ट यही देते हैं), तो कुल खर्च अक्सर हल्द्वानी की एक रात, रामनगर के रिसॉर्ट और प्राइवेट कैब के अलग-अलग खर्च से कम बैठता है। बुक करने से पहले दोनों तरह से हिसाब लगा लें।
अगर कॉर्बेट के अलावा आप कुमाऊँ में और जगहें भी घूमने वाले हैं, तो हमारी हल्द्वानी, उत्तराखंड की विज़िटर गाइड में हल्द्वानी के तीनों इलाकों की पूरी तस्वीर मिलेगी। अगर आप पहाड़ जाने वाले हाईवे पर ही ठहरना चाहते हैं, तो नैनीताल रोड के होटलों की गाइड देखें। इसमें नैनीताल की ओर जाने वाली 8 किमी सड़क के सात होटल हैं, जिनमें Maplewood, Blue Saphire और Castle Inn भी हैं, और ये तीनों कॉर्बेट के लिए तड़के निकलने के हिसाब से भी अच्छे हैं।